info.success4ever@gmail.com
Download App


Forget Password

We sent you password on your registered Mobile No.

हमने आपको आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर पासवर्ड भेजा है!

You can try "Forgot Password" only two times in a day.


Recommended for you

क्रिसमस या बड़ा दिन ईसा मसीह या यीशु के जन्म की खुशी

क्रिसमस को सभी ईसाई लोग मनाते हैं और आजकल कई गैर ईसाई लोग भी इसे एक धर्मनिरपेक्ष, सांस्कृतिक उत्सव के रूप मे मनाते हैं। क्रिसमस के दौरान उपहारों का आदान प्रदान, सजावट का सामन और छुट्टी के दौरान मौजमस्ती के कारण यह एक बड़ी आर्थिक गतिविधि बन गया है।

क्रिसमस (बड़ा दिन)

क्रिश्चियन समुदाय के लोग हर साल 25 दिसंबर के दिन क्रिसमस का त्योहार मनाते हैं। यह ईसाइयों का सबसे बड़ा त्योहार है। इसी दिन प्रभु ईसा मसीह या जीसस क्राइस्ट का जन्म हुआ था इसलिए इसे बड़ा दिन भी कहते हैं। पहले लोग सर्दियों में सूर्य को देखकर क्रिसमस मना लेते थे। चौथी सदी में चर्च ने इसके लिए 24 और 25 दिसंबर की तरीख तय कर दी, तब से यह त्योहार इसी तारीख को मनाया जा रहा है, क्योंकि 23 दिसंबर से ही दिन बड़ा होने लगता है । क्रिसमस के 15 दिन पहले से ही मसीह समाज के लोग इसकी तैयारियों में जुट जाते हैं। लगभग एक सप्ताह तक छुट्‍टी रहती है और इस दौरान बाजारों की रौनक बढ़ जाती है। घर और बाजार रंगीन रोशनियों से जगमगा उठते हैं।

क्रिसमस या बड़ा दिन ईसा मसीह या यीशु के जन्म की खुशी में मनाया जाने वाला पर्व है। यह 25 दिसम्बर को पड़ता है और इस दिन लगभग संपूर्ण विश्व मे अवकाश रहता है। क्रिसमस से 12 दिन के उत्सव क्रिसमसटाइड की भी शुरुआत होती है। एन्नो डोमिनी काल प्रणाली के आधार पर यीशु का जन्म, 7 से 2 ई.पू. के बीच हुआ था। 25 दिसम्बर यीशु मसीह के जन्म की कोई ज्ञात वास्तविक जन्म तिथि नहीं है और लगता है कि इस तिथि को एक रोमन पर्व या मकर संक्रांति (शीत अयनांत) से संबंध स्थापित करने के आधार पर चुना गया है। आधुनिक क्रिसमस की छुट्टियों मे एक दूसरे को उपहार देना, चर्च मे समारोह और विभिन्न सजावट करना शामिल है। इस सजावट के प्रदर्शन मे क्रिसमस का पेड़, रंग बिरंगी रोशनियाँ, बंडा, जन्म के झाँकी और हॉली आदि शामिल हैं। सांता क्लॉज़ (जिसे क्रिसमस का पिता भी कहा जाता है हालाँकि, दोनों का मूल भिन्न है) क्रिसमस से जुड़ी एक लोकप्रिय पौराणिक परंतु कल्पित शख्सियत है जिसे अक्सर क्रिसमस पर बच्चों के लिए तोहफे लाने के साथ जोड़ा जाता है। सांता के आधुनिक स्वरूप के लिए मीडिया मुख्य रूप से उत्तरदायी है।

क्रिसमस को सभी ईसाई लोग मनाते हैं और आजकल कई गैर ईसाई लोग भी इसे एक धर्मनिरपेक्ष, सांस्कृतिक उत्सव के रूप मे मनाते हैं। क्रिसमस के दौरान उपहारों का आदान प्रदान, सजावट का सामन और छुट्टी के दौरान मौजमस्ती के कारण यह एक बड़ी आर्थिक गतिविधि बन गया है और अधिकांश खुदरा विक्रेताओं के लिए इसका आना एक बड़ी घटना है।

क्रिसमस को क्यों कहते हैं 'बड़ा दिन'?

अक्सर आपने लोगों के मुंह से सुना होगा कि 'बड़ा दिन' आ गया, जी हां, क्रिसमस को लोग 'बड़ा दिन' कहते हैं, आखिर क्यों ऐसा कहा जाता है?

ईसा मसीह जीवन

ईसा मसीह जीवन भर मानव-उद्धार के अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे। कहा जाता है कि ईसा के जन्म का समाचार सर्वप्रथम संसार के सबसे निर्धन, गरीब और भोले-भाले लोगों को मिला था। मान्यता है कि स्वर्गदूतों के एक दल ने चरवाहों को यह खबर दी थी कि तुम्हारे लिए एक बालक ने जन्म लिया है, जो भविष्य में तुम्हारा मुक्तिदाता बनेगा।

ईसा ने दीन-दुखियों और लाचारों की सहायता करने, प्रेमभाव से रहने, लालच न करने, ईश्वर और राज्य के प्रति क‌र्त्तव्यनिष्ठ रहने, जरूरतमंदों की जरूरत पूरी करने, अवश्यकता से अधिक धन संग्रह न करने के उपदेश दिए हैं। ईसा ने मानव को जगत की ज्योति बताया और कहा कि कोई दीया जलाकर नीचे नहीं, बल्कि दीवार पर रखना चाहिए, ताकि सबको प्रकाश मिले। इसका अर्थ यह है कि हम अपने आसपास के परिवेश को नजर-अंदाज न करें। जिसके भी घर में अंधेरा (समस्याएं) हो, हमारा फर्ज है कि हम वहां तक उजाला ले जाएं और उसका अंधेरा भी दूर करें।